Devasthan Department, Rajasthan
 

वार्षिक रिपोर्ट

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राजस्थान सरकार
देवस्थान विभाग
विभागीय प्रगति एवं प्रषासनिक प्रतिवेदन वर्ष 2016-17

भाग-1

विभागीय परिचय

देवस्थान विभाग मन्दिर संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्द्धन का विभाग है। इस विभाग के वर्तमान स्वरूप का गठन भूतपूर्व राजपूताना राज्य की छोटी-बड़ी 22 रियासतों के विलीनीकरण के पश्चात पूर्व देषी राज्यों द्वारा राजकोष के माध्यम से संचालित मन्दिरों, मठों, धर्मषालाओं आदि के प्रबंधन एवं सुचारू संचालन हेतु वर्ष 1949 में बने वृहत् राजस्थान राज्य के साथ-साथ हुआ। राज्य सरकार द्वारा परिवर्तित परिस्थितियों के अनुसार समय-समय पर विभागीय कार्यकलापों का विस्तार कर नवीन दायित्व सौंपे गये हैं। देवस्थान विभाग द्वारा पूर्व देषी रियासतों के विलीनीकरण के पश्चात वर्तमान राज्य शासन को उत्तरदायित्व में प्रबंध एवं संचालन तथा अनुरक्षण हेतु प्राप्त 390 राजकीय प्रत्यक्ष प्रभार एवं 203 राजकीय आत्म निर्भर श्रेणी के मन्दिरों एवं संस्थाओं का सीधा प्रबंधन किया जाता है। 390 राजकीय प्रत्यक्ष प्रभार के मंदिरों में पूजा-अर्चना हेतु वर्ष 2016-17 में 180 लाख रूपये का प्रावधान किया गया है। 203 आत्म निर्भर मंदिरों की पूजा अर्चना के लिए 100 लाख रूपये का संयुक्त निधि कोष से व्यय करने का प्रावधान रखा गया है। राज्य सरकार द्वारा आलोच्य वर्ष 2016-17 में आयोजना मद में 1280.97 लाख रुपये, गैर आयोजना मद में 15.00 लाख रुपये एवं संयुक्त निधि मद में 534.69 लाख रुपये की लागत के 5 कार्य स्वीकृत किये गए हैं। यह भी उल्लेखनीय है कि माह दिसम्बर, 2016 तक प्राप्त राज्य मद में 267.68 लाख रुपये एवं विभाग की संयुक्त निधि में 890.14 लाख रुपये संग्रहित हुए हैं जो विभागीय राजस्व प्रगति का परिचायक है।

राजस्थान राज्य का गौरवषाली अतीत पूर्व शासकों की धार्मिक निष्ठा एवं धर्म पालन हेतु किये गये बलिदानों के लिए विख्यात है। देषी राज्यों के शासकों ने रियासत का राजा स्वयं को नहीं मानकर अपने इष्ट देवता के नाम की मोहरें एवं राजपत्र में अंकित मुद्राओं से राज्य का शासन किया। वर्तमान देवस्थान विभाग विरासत में प्राप्त ऐसी ही धार्मिक एवं पुण्य प्रयोजनार्थ स्थापित संस्थाओं एवं राजकीय मन्दिरों, मठों, लोक प्रन्यासों का नियमन (Regulate) करने, उनके प्रषासन हेतु मार्गदर्षन देने, उन्हें आर्थिक सहयोग देने जैसे धार्मिक एवं सामाजिक कर्तव्यों का निर्वहन करता है। कालान्तर में बदली हुई परिस्थितियों के अनुरूप राजस्थान सार्वजनिक प्रन्यास अधिनियम, 1959 के अन्तर्गत न्यासों का पंजीकरण, षिकायतों की जांच, भूमि सुधार कार्यक्रमों के फलस्वरूप मन्दिरों/मठों की भूमियों के पुनः ग्रहण के पष्चात निर्धारित वार्षिकी (Annuity) के भुगतान तथा मन्दिरों/ संस्थाओं को सहायता अनुदान स्वीकृत करने के कार्यकलाप भी इस विभाग के कार्यक्षे़त्र में विस्तारित हुए हैं।

राजस्थान राज्य में एवं राज्य के बाहर विभिन्न तीर्थ स्थलों पर बने राज्य के मंदिर एवं पूजा स्थल मध्यकाल से ही धार्मिक, नैतिक, सामाजिक, आध्यात्मिक तथा शैक्षणिक प्रवृतियों के केन्द्र रहे हैं। इनके माध्यम से ज्योतिष आयुर्वेद, कर्मकाण्ड, धर्मषास्त्र, संगीत, षिल्प, चित्रकला, मूर्तिकला, लोकगीत, भजन, नृत्य परम्परा आदि का संरक्षण, प्रसार एवं प्रषिक्षण होता रहा है। इस प्रक्रिया में अनेक धर्मज्ञ विद्वानों, निराश्रितां, विद्यार्थियों, साधु-संतों को सहयोग, प्रोत्साहन एवं संरक्षण भी मिलता रहा है। समय के अनुरूप सामाजिक परिवर्तनों के उपरान्त भी ये मंदिर एवं पूजा स्थल आज भी धार्मिक सौहार्द व सामाजिक आवष्यकताआें की पूर्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। प्राचीन स्थापत्य कला, षिल्पकला व चित्रषालाआें के ये अनूठे भण्डार अर्वाचीन भारत की अमूल्य निधि हैं। नवीन राजस्थान राज्य के निर्माण के पष्चात इस विपुल मंदिर संपदा के प्रंबध व संरक्षण का उत्तरदायित्व वर्तमान में देवस्थान विभाग के पास है।

भाग-2

विभागीय कार्य कलाप

देवस्थान विभाग द्वारा मुख्यतया निम्नांकित कार्य संपादित किये जाते हैः-

  • राजकीय प्रत्यक्ष प्रभार (Direct Charge), राजकीय आत्म निर्भर (Self Supporting) एवं सुपुर्दगी (Handedover) श्रेणी के मंदिरों एवं धार्मिक संस्थानों की संपदाओं का प्रबन्ध एवं नियंत्रण व पूजा, नैवेद्य, आरोगण, उत्सव आदि की व्यवस्था।
  • राजस्थान सार्वजनिक प्रन्यास अधिनियम, 1959 एवं नियम 1962 के अन्तर्गत पंजीयन योग्य सार्वजनिक प्रन्यासों का पंजीकरण, पर्यवेक्षण एवं  नियंत्रण संबंधी कार्य।
  • मंदिरों, धार्मिक एवं पुण्यार्थ संस्थाओं को सहायतार्थ नकद अनुदान राषि का भुगतान तथा तत्सम्बन्धी नियंत्रण।
  • मंदिरों एवं धार्मिक तथा पुण्यार्थ संस्थाओं आदि की माफी व जागीरों के पुनर्ग्रहण किये जाने के फलस्वरूप जागीर विभाग द्वारा निष्चित की गई शाष्वत वार्षिकी का प्रतिवर्ष राजस्व अधिकारियों द्वारा निष्चित किष्तों में भुगतान एवं नियंत्रण।
  • प्रमुख राजकीय धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थानों पर यात्रियों की सुविधा के लिए धर्मषालाओं व विश्रान्तिगृहों का निर्माण एवं उनके संरक्षण व संचालन की व्यवस्था करना तथा उनके विकास की योजनायें क्रियान्वित करना।
  • मंदिरों एवं धार्मिक स्थलों के वंष-परंपरागत नियुक्त महन्तों, पुजारियों, मठाधीषों आदि के उत्तराधिकारी की नियुक्ति करना व तत्सम्बन्धी कार्यवाही।
  • राजकीय मंदिरों के बहुमूल्य जेवरात व अन्य वस्तुओं का मूल्यांकन व सत्यापन करना।
  • धर्मार्थ एवं पुण्यार्थ कृत्यों हेतु आयोजित होने वाले मेलों, उत्सवों, यज्ञ इत्यादि को प्रोत्साहन देना एवं राजकीय मंदिरों में धार्मिक, सांस्कृतिक कार्यक्रमों का संचालन करना ।
  • मंदिर संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्द्धन हेतु विभिन्न कार्य योजनाओं को क्रियान्वित करना तथा राजस्थान राज्य के प्रमुख मंदिरों एवं तीर्थ स्थलों के संबंध में जनहितार्थ सामग्री का प्रकाषन-प्रसारण एवं अभिलेखों का संग्रहण करना एवं तीर्थाटन व देषाटन को बढावा देने हेतु विभिन्न कार्य योजनाओं को क्रियान्वित करना ।
  • राजकीय मंदिरों (धर्मस्थानों)े एवं धर्मार्थ पुण्यार्थ संस्थानों की संपदाओं के अतिक्रमियों को बेदखल करना एवं राजस्थान सरकारी स्थान (अप्राधिकृत अधिवासियों की बेदखली) अधिनियम, 1964 के प्रावधानों की क्रियान्विति।
  • राजकीय मंदिरों (धर्मस्थानों), धर्मार्थ एवं पुण्यार्थ संस्थानों की श्रेणी का निर्धारण।

भाग-3
उद्देष्य एवं प्रतिबद्धताएंँ

क्र.सं.

उद्देश्य एवं प्रतिबद्धताएँ

मंदिर/संस्थाएँ

1

विलीनीकरण के पष्चात वर्तमान राज्य शासन को  उत्तरदायित्व में प्राप्त हुये मंदिरों, धर्मषालाओं एवं उनकी परिसम्पतियों (आवासीय, वाणिज्यिक, कृषि भूमि, आभूषण आदि) का सीधा प्रबंध एवं नियंत्रण।

  • राजकीय प्रत्यक्ष प्रभार
  • राजकीय आत्म निर्भर

390
203

 

                    योग

593

2

राजस्थान राज्य में 10 एवं उत्तर प्रदेष राज्य में वृन्दावन, मथुरा तथा उत्तराखण्ड राज्य में हरिद्वार, धराली एवं उत्तरकाषी तथा गुजरात राज्य में द्वारिका में यात्रियों की सुविधा हेतु धर्मशाला/विश्रान्ति गृह का प्रबंधन।

  • धर्मषालायें

16

3

पूर्व देशी राज्यों के शासकों द्वारा विभिन्न पण्डितों /महन्तों/गोस्वामियों/विद्वानों एवं संस्थाओं को सेवा पूजा एवं सम्पत्ति की देखभाल हेतु सुपुर्द किये गये मंदिरों की षिकायतों की जांच एवं नवीन सुपुर्दगार नियुक्त करने की कार्यवाही ।

  • सुपुर्दगी श्रैणी

343

4

विलीनीकरण के पूर्व रियासतों द्वारा मंदिरों की सेवा पूजा, धूप-दीप, नैवेद्य आदि के लिये स्वीकृत की गई सहायता राषि/सहायता अनुदान का परम्परागत वार्षिक भुगतान एवं तत्संबंधी कार्य का नियत्रंण तथा संषोधित दाखिल खारिज का नवीनीकरण कार्य।
सहायता प्राप्त

10,009

5

मंदिरों/मठों की जागीरों के पुनर्ग्रहण के फलस्वरूप  जागीर विभाग द्वारा निर्धारित वार्षिकी (एन्यूटी) का भुगतान तथा संषोधित प्रपत्र 12(ख) जारी करना ।

  • वार्षिकी (एन्यूटी) प्राप्त

48,466

6

राजस्थान सार्वजनिक प्रन्यास अधिनियम, 1959 के प्रावधानों के अन्तर्गत प्रन्यासों का पंजीकरण, पर्यवेक्षण, जाँच एवं नियंत्रण ।

  • पंजीकृत प्रन्यास  (31.12.2016 तक)

8,363

7

मेलों/उत्सवों में प्रवचनों एवं कथा सत्संग के धार्मिक/सांस्कृतिक आयोजन के माध्यम से मंदिर संस्कृति का प्रसार एवं संरक्षण।

 

भाग-4
देवस्थान विभाग द्वारा अर्जित प्रमुख उपलब्धियों का विवरण

राजस्व संग्रहण की स्थितिः-

विभाग द्वारा आलौच्य वर्ष 2016-17 में राजस्व की प्राप्ति निम्नानुसार की गई हैः-

राषि (लाखों में)

मद

आवंटित लक्ष्य वर्ष 2016-17

राजस्व प्राप्ति वर्ष 2016-17(31.12.16 तक)

राजकीय

294.00

267.68

संयुक्त निधि

989.00

890.14

आयोजना मद के अन्तर्गत राजकीय प्रत्यक्ष प्रभार मंदिरों की मरम्मत एवं जीर्णोद्धार कार्य हेतु वर्ष 2016-17 के आयोजना मद में 16.43 करोड के मरम्मत एवं जीर्णोद्धार  कार्यः-

आयोजना मद के अन्तर्गत वर्ष 2016-17 में स्वीकृत बजट राषि रू. 16.43 करोड़ के विरूद्ध पूर्व वर्ष के एवं चालू वर्ष (2016-17) के 81 विकास कार्य चल रहे है। जिनमें से 19 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा शेष कार्य प्रक्रियाधीन है। इसके अतिरिक्त राज्य के 11 चयनित प्रमुख मंदिरों में विकास एवं सौन्दर्यकरण कार्य हेतु पीडीकोर द्वारा चयनित कंसलटेंसी फर्म द्वारा मास्टर प्लान तैयार कर लिए गए है। इनमें से 6 मंदिरों की डीपीआर तैयार करने हेतु कन्सलटेंसी फर्म से अनुबन्ध निष्पादन किए जाकर कार्यादेष जारी किये गए हैं। राजस्थान राज्य सड़क विकास एवं निर्माण लिमिटेड द्वारा निम्न 6 मंदिरों के प्रथम चरण में कराये जाने वाले विकास कार्यों हेतु 24.90 करोड़ राज्य मद एवं 5.20 करोड़ निधि मद से स्वीकृति जारी की गयी है-

क्र.सं.

मंदिर नाम

विकास की अनुमानित लागत (राशि करोड़ों में) प्रथम चरण

 

मंदिर श्री बैणेष्वर धाम

4.90 (राज्य मद)

1.

मंदिर श्री खाटूष्याम

5.00 (राज्य मद)

2.

मंदिर श्री डिग्गी कल्याण

5.00 (राज्य मद)

3.

मंदिर श्री पुष्कर एवं बुढ़ा पुष्कर

5.00 (राज्य मद)

4.

मंदिर श्री मेहन्दीपुर बालाजी

5.00 (राज्य मद)

5.

मंदिर श्री चारभुजा गढ़बोर

5.20 (निधि मद)

6.

मंदिर श्री बैणेष्वर धाम

4.90 (राज्य मद)

दीनदयाल उपाध्याय वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना वर्ष 2016-17ः-

दीनदयाल उपाध्याय वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना के अन्तर्गत वर्ष 2016-2017 में ई-मित्र/ऑनलाईन के माध्यम से कुल आवेदन 24,578 प्राप्त हुए जिनमें से जिला कलेक्टर स्तर पर लॅाटरी के माध्यम से 10,000 यात्रियों का चयन किया गया। उनमें से 1000 यात्रियों को हवाई जहाज के माध्यम से यात्रा कराई जावेगी। प्रथम तीर्थ यात्री गाड़ी दिनांक 21.12.2016 को जयपुर से रामेष्वरम के लिए रवाना हुई, शेष तीर्थ यात्री गाड़ीयों का संचालन आगामी दिनों में प्रस्तावित है।

कैलाष मानसरोवर की यात्रा पर राज्य से जाने वाले श्रृद्धालुओं के लिये सहायता राषि में वृद्धिः-वर्ष 2016-17 में अब तक 89 यात्रियों को सहायता राषि उपलब्ध करवाई जाकर लाभान्वित किया गया हैं।

सिन्धु दर्षन यात्रा योजना वर्ष 2016-17ः-लद्दाख स्थित सिन्धु दर्षन यात्रा योजना में प्रदेष से यात्रा पर जाने वाले 200 तीर्थ यात्रियों में से प्राप्त 10 आवेदनकर्त्ता को सहयोग राषि के रूप में प्रत्येक तीर्थ यात्री को 10,000 रूपये के भुगतान की स्वीकृति जारी की गई।

राजकीय मन्दिरों की नगरीय क्षेत्रों में स्थित रिक्त भूमियों पर बाउंड्रीवालः- राजकीय मन्दिरों की नगरीय क्षेत्रों में स्थित रिक्त भूमियों पर बाउंड्रीवाल निर्माण हेतु राषि 2.00 करोड के स्वीकृत 10 कार्यां में से 6 कार्य पूर्ण हो चुके हैं।   4 कार्य निर्माणाधीन है।

सहायक आयुक्त कार्यालयों का नव निर्माणः- वर्ष 2016-17 में भरतपुर, उदयपुर, हनुमानगढ, कोटा, जयपुर (प्रथम) एवं अजमेर में देवस्थान विभाग के सहायक आयुक्त कार्यालयों हेतु रुपये 2.40 करोड़ की लागत के भवन निर्माण कार्य कराये जाने हेतु राजस्थान आवास विकास एवं इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड को कार्यकारी ऐजेन्सी निर्धारित किया गया है। 4 कार्य पूर्ण हो चुके हैं। सहायक आयुक्त, कार्यालय भवन, कोटा के लिये भूमि आवंटित हो चुकी है।

अराजकीय मन्दिरों की मुआवजा राषि हेतु पृथक से निजी निक्षेप खाताः-
राजस्थान सार्वजनिक प्रन्यास अधिनियम,1959 के प्रावधानों के अनुसार सार्वजनिक मन्दिर लोक न्यास की परिभाषा में आने से अधिनियम की धारा 37 के तहत आयुक्त, देवस्थान को राजस्थान राज्य में स्थित समस्त पुण्यार्थ संस्थाओं के कोषाध्यक्ष की शक्तियां प्रदत्त होने से विभाग में जमा 3194.45 लाख रुपये दिनांक 31.12.2016 तक अराजकीय मन्दिरों की भूमि अवाप्ति के फलस्वरूप प्राप्त मुआवजा राषि पर प्रभावी पर्यवेक्षण एवं नियंत्रण हेतु पृथक से कोषालय उदयपुर में निजी निक्षेप खाता वित्त विभाग(मार्गोपाय अनुभाग) के आदेष क्रमांक प. 8(7)वि.मा/2008 दिनांक 5.4.2012 की अनुपालना में नवीन रूप से खुलवाया जाकर संधारित किया जा रहा है।

देवस्थान कलेण्डरः-

देवस्थान विभाग द्वारा प्रबंधित एवं नियंत्रित प्रमुख विभागीय मंदिरों एवं सार्वजनिक प्रन्यासों के विषेष उत्सवों/मेलों का वार्षिक केलेन्डर विगत नौ वर्षों से जारी किया जा रहा हैं। संवत 2074 का केलेन्डर जारी किया जा चुका हैं।

मंदिर संस्कृति पुनर्जीवनः-

देवस्थान विभाग द्वारा प्रबंधित एवं नियंत्रित मंदिरों तथा विभिन्न सार्वजनिक मंदिरों मे मंदिर परम्परा अनुसार उत्सव एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमां का आयोजन कराया गया है। इसके अतिरिक्त नव संवत्सर, नवरात्रि, बसन्तोसव, बैणेष्वर मेला, महाषिवरात्रि, होली, ऋषभदेव जन्मोत्सव, वैषाख पूर्णिमा, पाटोत्सव, जन्माष्टमी आदि पर्वों पर विभाग द्वारा  विषेष कार्यक्रम आयोजित करवाये जाते हैं।

वेबसाईटः-

राजस्थान राज्य के प्रमुख मंदिरों एवं तीर्थ स्थलों से संबंधित सूचनाये देषी विदेषी पर्यटकों, एवं श्रद्धालुओं तक पहुंचाने हेतु देवस्थान विभाग द्वारा तैयार वेबसाइट www.devasthan.rajasthan.gov.in पर अद्यतन की जाती है।

आलौच्य वर्ष की उपलब्धि

1. आयोजना एवं आयोजना भिन्न मद के अन्तर्गत वर्ष 2010-11 से 2016-17 तक बजट प्रावधान एवं व्यय राषि का विवरणः-

आयोजना मद

क्र.स.

वर्ष

बजट शीर्ष

प्रावधित राषि रुपये लाखों में

व्यय राषि रुपये लाखों म

विशेष विवरण

1

2010-11

4250-00-800-01-01-28-विविध

500.00

440.91

मन्दिर मरम्मत एवं जीर्णोद्धार एवं श्रद्धालुओं की सुविधार्थ विकास कार्य

2

2011-12

4250-00-800-01-01-28-विविध

650.00

293.87

मन्दिर मरम्मत एवं जीर्णोद्धार एवं श्रद्धालुओं की सुविधार्थ विकास कार्य

3

2012-13

4250-00-800-01-01-28-विविध

560.50

404.02

मन्दिर मरम्मत एवं जीर्णोद्धार एवं श्रद्धालुओं की सुविधार्थ विकास कार्य

4

2013-14

4250-00-800-01-01-28-विविध

801.60

666.60

मन्दिर मरम्मत एवं जीर्णोद्धार एवं श्रद्धालुओं की सुविधार्थ विकास कार्य

 

 

 

5500.00

5472.24

वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना के संचालन हेतु

5

2014-15

4250-00-800-01-01-28-विविध

1500.00

676.76

मन्दिर मरम्मत एवं जीर्णोद्धार एवं श्रद्धालुओं की सुविधार्थ विकास कार्य

 

 

2250-00-800-02-01

1500.00

1128.45

वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना के संचालन हेतु

 

 

2250-00-800-02-02

50.00

47.00

कैलाष मानसरोवर तीर्थ यात्रा योजना

6

2015-16

4250-00-800-03-00
4250-00-800-02-90
4250-00-796-04-00
4250-00-796-03-90

1506.66

816.93

मन्दिर मरम्मत एवं जीर्णोद्धार एवं श्रद्धालुओं की सुविधार्थ विकास कार्य

 

 

2250-00-800-02-01

1550.00

1421.68

वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा एवं सिंधु दर्षन तीर्थ यात्रा योजना के संचालन हेतु

 

 

2250-00-800-02-02

100.00

99.91

कैलाष मानसरोवर तीर्थ यात्रा योजना

7

2016-17

4250-00-800-03-00
4250-00-800-02-90
4250-00-796-04-00
4250-00-796-03-90

660.48

270.27

मन्दिर मरम्मत एवं जीर्णोद्धार एवं श्रद्धालुओं की सुविधार्थ विकास कार्य (दिसम्बर, 2016 तक)

 

 

2250-00-800-03-00 (ट्रस्ट मंदिरों को सहायता)

524.42

00

श्री डिग्गा कल्याण, श्री पुष्कर, श्री खाटुष्याम जी, श्री मेहन्दीपुर बालाजी विकास कार्य हेतु सहायता अनुदान (दिसम्बर, 2016 तक)

 

 

2250-00-796-02-01 (ट्रस्ट मंदिरों को सहायता, टी.एस.पी.)

458.56

00

श्री बैणेष्वर धाम विकास कार्य हेतु सहायता अनुदान (दिसम्बर, 2016 तक)

 

 

2250-00-800-02-01

1500.00

1001.47

वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा एवं सिंधु दर्षन तीर्थ यात्रा योजना के संचालन हेतु (दिसम्बर, 2016 तक)

 

 

2250-00-800-02-02

100.00

88.00

कैलाष मानसरोवर तीर्थ यात्रा योजना (दिसम्बर, 2016 तक)

आयोजना भिन्न मद

क्र.स.

वर्ष

बजट शीर्ष

प्रावधित राषि (लाखों में)

व्यय राषि (लाखों में)

विशेष विवरण

1

2010-11

2250 आयोजना भिन्न

1012.97

984.59

कार्मिकों के वेतन भत्ते मन्दिर संस्कृति एवं अनुरक्षण व्यय

 

 

3604 एन्यूटी

14.54

13.56

वेतन भत्ते एवं एन्यूटी भुगतान

2

2011-12

2250 आयोजना भिन्न

1117.98

1023.51

कार्मिकों के वेतन भत्ते मन्दिर संस्कृति एवं अनुरक्षण व्यय

 

 

3604 एन्यूटी

15.08

12.03

वेतन भत्ते एवं एन्यूटी भुगतान

3

2012-13

2250 आयोजना भिन्न

1193.53

1160.43

कार्मिकों के वेतन भत्ते मन्दिर संस्कृति एवं अनुरक्षण व्यय

 

 

3604 एन्यूटी

594.32

7.42

वेतन भत्ते एवं एन्यूटी भुगतान

4

2013-14

2250 आयोजना भिन्न

1501.05

1274.40

कार्मिकों के वेतन भत्ते मन्दिर संस्कृति एवं अनुरक्षण व्यय

 

 

3604 एन्यूटी

594.52

19.51

वेतन भत्ते एवं एन्यूटी भुगतान

5

2014-15

2250 आयोजना भिन्न

1409.70

1317.47

कार्मिकों के वेतन भत्ते मन्दिर संस्कृति एवं अनुरक्षण व्यय              

 

 

3604 एन्यूटी

52.94

12.91

वेतन भत्ते एवं एन्यूटी भुगतान

6

2015-16

2250 आयोजना भिन्न

1426.88

1343.94

कार्मिकों के वेतन भत्ते मन्दिर संस्कृति एवं अनुरक्षण व्यय              

 

 

3604 एन्यूटी

33.41

10.97

वेतन भत्ते एवं एन्यूटी भुगतान

6

2016-17

2250 आयोजना भिन्न

1487.10

1044.16

कार्मिकों के वेतन भत्ते मन्दिर संस्कृति एवं अनुरक्षण व्यय              

 

 

3604 एन्यूटी

19.51

3.21

वेतन भत्ते एवं एन्यूटी भुगतान (31.12.2016 तक)

सयुंक्त निधि बजट मदः-विभागीय संयुक्त निधि मद से वर्ष 2015-2016 में मन्दिरों के जीर्णोद्धार, मरम्मत एवं संधारण तथा नया निर्माण का प्रगति विवरणः-

क्र.स.

नाम मन्दिर

शासन की स्वीकृति क्रमांक व दिनांक

स्वीकृत राषि (लाखों मे)ं

विषेष विवरण

1

मन्दिर श्री घोटिया आम्बा तीर्थस्थल के सौन्दर्यकरण एवं विकास कार्य

प.3(15)देव/2014 दिनांक 22.4.2015

267.92

कार्य प्रगति पर है।

2

मन्दिर श्री रूप नारायण सेवंत्री के सौन्दर्यकरण एवं विकास कार्य।

प.3(15)देव/2014 जयपुर दिनांक 15.4.2015

652.55

कार्य प्रगति पर है।

3

राजकीय आत्म निर्भर श्री गोगा जी गोगामेडी हनुमानगढ के विकास कार्य

प.4(2)देव/2015 पार्ट-ा जयपुर दिनांक 18.9.2015

1895.00

कार्य प्रगति पर है।

4

राजकीय आत्म निर्भर श्री द्वारकाधीष जी झालावाड  के विकास एवं सौन्दर्यकरण का कार्य

प.4(2)देव/2015 जयपुर दिनांक 10.11.2015

160.50

कार्य प्रगति पर है।

 

 

योग

2975.97

 

विभागीय संयुक्त निधि मद से वर्ष 2016-2017 में स्वीकृत मंदिरों के जीर्णोद्धार, मरम्मत एवं संधारण तथा नया निर्माण का विवरण

क्र.सं.

नाम मंदिर

शासन की स्वीकृती क्रमांक/दिनांक

स्वीकृत राषि (लाखों मे)ं

1.

रा.आ.नि.मंदिर श्री कैला देवी झील का वाड़ा स्थित काली सील कुण्ड की मरम्मत कार्य

प.3(5)देव/2014, जयपुर दिनांक 16.06.2016

1.54

2.

मंदिर श्री गंगष्याम जी जूनी मंडी, जोधपुर

प.4(3)देव/2014, जयपुर दिनांक 08.08.2016

6.00

3.

मंदिर श्री मण्डलेष्वर महादेव घास मंडी रोड, जोधपुर

प.4(3)देव/2014, जयपुर दिनांक 08.08.2016

2.00

4.

मंदिर  श्री मदनमोहन जी डोडिदारों का मौहल्ला, जोधपुर

प.4(3)देव/2014, जयपुर दिनांक 08.08.2016

5.15

5.

म्ंदिर श्री चारभुजा जी गढ़बोर

प.12(7)देव/2014, जयपुर दिनांक 20.10.2016

520.00

 

 

योग

534.69

2. विभागीय बजट की विगत 5 वर्षो की राजस्व प्राप्ति की तुलनात्मक स्थितिः-

(लाखों में)

मद

आवंटित लक्ष्य वर्ष 2012-13

राजस्व प्राप्ति वर्ष 2012-13

आवंटित लक्ष्य वर्ष 2013-14

राजस्व प्राप्ति वर्ष 2013-14

आवंटित लक्ष्य वर्ष 2014-15

राजस्व प्राप्ति वर्ष 2014-15

आवंटित लक्ष्य वर्ष 2015-16

राजस्व प्राप्ति वर्ष 2015-16

आवंटित लक्ष्य वर्ष 2016-17

राजस्व प्राप्ति वर्ष 2016-17 (31.12.16 तक)

राजकीय

335.00

255.44

352.00

218.58

371.00

237.91

282.00

166.17

294.00

267.68

संयुक्त निधि

1049.00

981.68

1020.00

1133.24

1000.00

1149.93

1230.00

731.10

989.00

890.14

3. आलोच्य वर्ष में प्रदेष अल्पवृष्टि के लिये मन्दिरों एवं धार्मिक स्थलों में कराये गये धार्मिक अनुष्ठानः-

आलोच्य वर्ष में प्रदेष में अल्पवृष्टि के निराकरण के लिये सातां संभाग में 49 षिव मन्दिर में श्रावण माह के चारों सोमवार को रूद्राभिषेक कराया गया। इस हेतु कुल 24.50 लाख रूपये स्वीकृत किये गये।

भागः-5

प्रषासनिक व्यवस्था

देवस्थान विभाग की वर्तमान प्रशासनिक व्यवस्था निम्न प्रकार हैः-

राज्य स्तर

  1. प्रमुख शासन सचिव, देवस्थान विभाग,राजस्थान सरकार, जयपुर
  2. उपशासन सचिव, देवस्थान विभाग, राजस्थान, जयपुर
  3. सहायक शासन सचिव, देवस्थान विभाग, राजस्थान जयपुर

विभागीय स्तर

देवस्थान आयुक्त विभागाध्यक्ष हैं। विभागाध्यक्ष के सहयोग हेतु निम्न प्रषासनिक एवं तकनीकी अधिकारी के पद स्वीकृत हैंः-

क्र.स.

नाम अधिकारी

संख्या

1

अतिरिक्त आयुक्त, देवस्थान उदयपुर

1

2

वित्तीय सलाहकार, देवस्थान उदयपुर

1

3

उपविधि परामर्षी, देवस्थान विभाग, उदयपुर

1

4

उपायुक्त, देवस्थान उदयपुर

1

5

लेखाधिकारी देवस्थान उदयपुर

2

6

सहायक आयुक्त, (मुख्यालय) उदयपुर

1

7

तहसीलदार, (मुख्यालय) उदयपुर

1

8

सहायक अभियन्ता, (मुख्यालय) देवस्थान उदयपुर

1

9

सहायक लेखाधिकारी, प्रथम (मुख्यालय) देवस्थान  उदयपुर

1

10

अतिरिक्त निजी सचिव, (मुख्यालय) देवस्थान  उदयपुर

1

सम्भाग स्तर

विभाग के कार्य को सुचारू रूप से चलाने हेतु प्रषासनिक दृष्टि से सम्पूर्ण राजस्थान व राज्य के बाहर उत्तर प्रदेष, उत्तराखण्ड, महाराष्ट्र, गुजरात व नई दिल्ली में स्थित राजकीय मंदिरों हेतु क्षेत्राधिकार का पुनर्निर्धारण राज्य सरकार के आदेष क्रमांक प.8(17)देव/81 जयपुर दिनांक 2.1.2006 एवं सम संख्यक आदेष दिनांक 14.10.2008 द्वारा निम्नानुसार किया जाकर राजस्थान प्रषासनिक सेवा एवं राजस्थान देवस्थान सेवा के अधिकारियों को सहायक आयुक्त, देवस्थान के पद पर नियुक्त किया हुआ है :-

क्र.सं.

सहायक आयुक्त का मुख्यालय

कार्य-क्षेत्र (जिले एवं राज्य)

कार्यालय के दूरभाष नंबर

ई.मेल आई डी संख्या

1

सहायक आयुक्त, (मुख्यालय) देवस्थान विभाग  उदयपुर

उदयपुर (मुख्यालय)

0294.2524813

devasthan@hotmail.com
AC.UDAIPUR.DEV@RAJASTHAN.GOV.IN

2

सहायक आयुक्त (प्रथम), देवस्थान विभाग, जयपुर

जयपुर एवं दौसा जिले

0141.2614404

acdevasthan_jpr@yahoo.co.in
AC.JAIPUR1.DEV@RAJASTHAN.GOV.IN

3

सहायक आयुक्त (द्वितीय) देवस्थान विभाग, जयपुर

सीकर, झुन्झुनूं एवं अलवर जिले ।

0141.2611341

aciidevasthanjaipur@rocketmail.com
AC.JAIPUR2.DEV@RAJASTHAN.GOV.IN

4

सहायक आयुक्त, देवस्थान विभाग, भरतपुर

भरतपुर,  धौलपुर, सवाई माधोपुर एवं  करोली जिले ।

05644.228405

devbhp405@gmail.com
AC.BHARATPUR.DEV@RAJASTHAN.GOV.IN

5

सहायक आयुक्त, देवस्थान विभाग, जोधपुर

जोधपुर,पाली,बाड़मेर, जालौर, सिरोही एवं जैसलमेर जिले ।

0291.2650361

devasthanjodhpur@yahoo.co.in
devasthanjodhpur@gmail.com
AC.JODHPUR.DEV@RAJASTHAN.GOV.IN

6

सहायक आयुक्त, देवस्थान विभाग, बीकानेर

बीकानेर एवं चूरू जिले।

0151.2226711

devsthan_bkn09@yahoo.in
AC.BIKANER.DEV@RAJASTHAN.GOV.IN

7

सहायक आयुक्त, देवस्थान विभाग, हनुमानगढ़

श्री गंगानगर एवं हनुमानगढ़ जिले

01552.230110

devsthanhmo@gmail.com
AC.HANUMANGARH.DEV@RAJASTHAN.GOV.IN

8

सहायक आयुक्त, देवस्थान विभाग, उदयपुर

उदयपुर, (तहसील खैरवाड़ा व ऋषभदेव को छोडकर) चितौड़गढ़ प्रतापगढ़ एवं राजसमंद जिले।

0294.2420546

acdev_udaipur@ymail.com
AC.UDAIPUR.DEV@RAJASTHAN.GOV.IN

9

सहायक आयुक्त, देवस्थान विभाग,   कोटा

कोटा, बूंदी, झालावाड एवं बारां जिले ।

0744.2326031

1ac.kota@gmail.com
AC.KOTA.DEV@RAJASTHAN.GOV.IN

10

सहायक आयुक्त, देवस्थान विभाग, ऋषभदेव, जिला उदयपुर

उदयपुर जिले की खैरवाडा व ऋषभदेव तहसीलें तथा डूंगरपुर और बांसवाडा जिले एवं गुजरात तथा महाराष्ट्र राज्यो मे स्थित विभागीय मंदिर व संपदायें।

02907. 230023

devasthanrishabhdeo@yahoo.com
AC.RISHBDEV.DEV@RAJASTHAN.GOV.IN

11

सहायक आयुक्त, देवस्थान विभाग, अजमेर

अजमेर, नागौर, टोंक, भीलवाड़ा

0145.2625423

ajmdevasthan@yahoo.co.in
AC.AJMER.DEV@RAJASTHAN.GOV.IN

12

सहायक आयुक्त, देवस्थान विभाग, वृन्दावन

उत्तर प्रदेष, उत्तराखण्ड एवं दिल्ली राज्यों में स्थित विभागीय मंदिर और संपदायें।

0565.2455146

radha_madhav08@yahoo.com
AC.VRINDAVAN.DEV@RAJASTHAN.GOV.IN

जिला स्तरः-

  1. निरीक्षक, देवस्थान विभाग, जिला अलवर
  2. निरीक्षक, देवस्थान विभाग, जिला करौली
  3. निरीक्षक, देवस्थान विभाग, जिला धौलपुर
  4. निरीक्षक, देवस्थान विभाग, जिला बूंदी
  5. निरीक्षक, देवस्थान विभाग, जिला बांसवाड़ा

 

विभागीय मुख्य कार्यालय

विभाग

देवस्थानविभाग
राजस्थानसरकार

Department

Devasthan Department (Governement of Rajasthan)

मुख्य कार्यालय

आयुक्त देवस्थान,
पंचवटी
एम. जी. कॉलेज रोड
उदयपुर - 313001
राजस्थान

Office

Commissioner Devasthan,
Panchwati,
M.G. College Road
Udaipur - 313001
Rajasthan

फोन नं.

91 - 294 - 2426130, 2524813

Phone No :

91 - 294 - 2426130, 2524813

फैक्स नं.

91 - 294 - 2423440 

Fax No :

91 - 294 - 2423440 

ई-मेल

devasthan@hotmail.com
devasthanrajasthan@gmail.com

e-mail : 

devasthan@hotmail.com
devasthanrajasthan@gmail.com


सहायक आयुक्तोंकेकार्य-क्षेत्र

क्र.सं.

सहायक आयुक्त का मुख्यालय

कार्य-क्षेत्र (जिले एवं राज्य)

1

सहायक आयुक्त, देवस्थान विभाग (प्रथम) जयपुर

जयपुर एवं दौसा, जिले ।

2

सहायक आयुक्त, देवस्थान विभाग, (द्वितीय) जयपुर

सीकर, झुन्झुनू एवं अलवर जिले ।

3

सहायक आयुक्त, देवस्थान विभाग, भरतपुर

भरतपुर, धोलपुर, सवाई माधोपुर एवं करोली जिले।

4

सहायक आयुक्त, देवस्थान विभाग, जोधपुर

जोधपुर, पाली, बाड़मेर, जालौर, सिरोही, जैसलमेर जिले

5

सहायक आयुक्त, देवस्थान विभाग, बीकानेर

बीकानेर, चूरू ।

6

सहायक आयुक्त, देवस्थान विभाग, उदयपुर

उदयपुर, (तहसील खैरवाड़ा व ऋषभदेव के अतिरिक्त) चितौड़गढ़, प्रतापगढ़ एवं राजसमंद जिला

7

सहायक आयुक्त, देवस्थान विभाग, कोटा

कोटा, बूंदी, झालावाड़, बारां, जिले ।

8

सहायक आयुक्त, देवस्थान विभाग, ऋषभदेव,
जिला उदयपुर

उदयपुर जिले की खैरवाड़ा व ऋषभदेव तहसील तथा डुंगरपुर और बांसवाड़ा जिले एवं गुजरात तथा महाराष्ट्र में स्थित विभागीय मंदिर व संपदायें ।

9

सहायक आयुक्त, देवस्थान विभाग, अजमेर

अजमेर, नागौर, टोंक, भीलवाड़ा जिले ।

10

सहायक आयुक्त, देवस्थान विभाग, वृन्दावन

उत्तर प्रदेश, उत्तरांचल एवं दिल्ली राज्यों में स्थित विभागीय मंदिर व संपदायें ।

11

सहायक आयुक्त, देवस्थान विभाग, हनुमानगढ़

श्री गंगानगर व हनुमानगढ़ ।

राज्य सेवा में संवर्गवार स्वीकृत, कार्यरत एवं रिक्त पदों का विवरण
(दिनांक 31.12.2016 तक)

क्र.सं.

नाम पद

संवर्ग

स्वीकृत पद

कार्यरत

रिक्त पद

वि0 वि0

1

2

3

4

5

6

7

1

आयुक्त

राजस्थान प्रशासनिक सेवा

1

1

0

 

2

वितीय सलाहकार

राजस्थान लेखा सेवा

1

1

0

 

3

अतिरिक्त आयुक्त

राजस्थान प्रशासनिक सेवा

1

1

0

 

4

उप विधि परामर्शी

राजस्थान विधि सेवा

1

0

1

 

5

उपायुक्त

राजस्थान देवस्थान सेवा

1

0

1

 

6

सहायक आयुक्त

राजस्थान देवस्थान राज्य सेवा

12

9

3

 

7

एनालिस्ट कम प्रोग्रामर

राजस्थान तकनीकी सूचना एवं प्रौद्योगिकी सेवा

1

0

1

 

8

प्रोग्रामर

राजस्थान तकनीकी सूचना एवं प्रौद्योगिकी सेवा

1

0

1

 

9

अतिरिक्त निजी सचिव  सचिव, (मुख्यालय)

राजस्थान अधीनस्थ कार्यालय मंत्रालयिक सेवा

1

1

0

 

10

तहसीलदार

राजस्थान तहसीलदार सेवा

1

0

1

 

11

लेखाधिकारी

राजस्थान लेखा सेवा

2

0

2

 

12

सहायक लेखाधिकारी प्रथम

राजस्थान अधीनस्थ लेखा सेवा

1

1

0

 

13

निरीक्षक प्रथम श्रेणी

राजस्थान देवस्थान अधीनस्थ सेवा

15

2

13

 

14

निरीक्षक द्वितीय श्रेणी

राजस्थान देवस्थान अधीनस्थ सेवा

21

9

12

 

15

कार्यालय अधीक्षक कम सहायक प्रशासनिक अधिकारी 

राजस्थान अधीनस्थ कार्यालय मंत्रालयिक सेवा

1

1

0

 

16

सहायक कार्यालय अधीक्षक

राजस्थान अधीनस्थ कार्यालय मंत्रालयिक सेवा

11

11

0

 

17

शीघ्र लिपिक

राजस्थान अधीनस्थ कार्यालय मंत्रालयिक सेवा

2

0

2

 

18

लिपिक ग्रेड प्रथम

राजस्थान अधीनस्थ कार्यालय मंत्रालयिक सेवा

26

21

5

 

19

लिपिक ग्रेड द्वितीय

राजस्थान अधीनस्थ कार्यालय मंत्रालयिक सेवा

29

14

15

 

20

सहायक लेखाधिकारी-ा

राजस्थान अधीनस्थ लेखा सेवा

14

11

3

 

21

सहायक अभियन्ता

राजस्थान राज्य तकनीकी सेवा

1

0

1

 

22

कनिष्ठ अभियन्ता

राजस्थान अधीनस्थ तकनीकी सेवा

1

0

1

 

23

कनिष्ठ लेखाकार

राजस्थान अधीनस्थ लेखा सेवा

4

0

4

 

24

कनिष्ठ विधि अधिकारी

राजस्थान अधीनस्थ विधिक सेवा

3

3

0

 

25

भू अभिलेख निरीक्षक

राजस्व अधीनस्थ सेवा

1

0

1

 

26

पटवारी

राजस्व अधीनस्थ सेवा

2

0

2

 

27

मैनेजर प्रथम श्रैणी

राजस्थान देवस्थान  अधीनस्थ सेवा

11

1

10

 

28

मैनेजर द्वितीय श्रैणी

राजस्थान देवस्थान  अधीनस्थ सेवा

14

3

11

 

29

पुजारी

राजस्थान देवस्थान  अधीनस्थ सेवा

94

49

45

 

30

सेवागीर

राजस्थान देवस्थान  अधीनस्थ सेवा

144

80

64

 

31

जमादार

राजस्थान चतुर्थ श्रैणी कर्मचारी सेवा

4

1

3

 

32

चतुर्थ श्रैणी कर्मचारी

राजस्थान चतुर्थ श्रैणी कर्मचारी सेवा

51

33

18

 

 

योग :-

 

473

270

203

 

निधि सेवा में स्वीकृत, कार्यरत एवं रिक्त पदों की स्थिति
(दिनांक 31.12.2016 तक)

क्र.सं.

पदनाम

स्वीकृत पद

कार्यरत

रिक्त पद

वेतन श्रृंखला

पे बेण्ड

ग्रेड पे

1

2

3

4

5

6

7

1

कनिष्ठ लेखाकार

1

0

1

3080-90-3980-110-6180

2

फोर्स अधिकारी/सुरक्षा अधिकारी

2

0

2

2750-90-3650-110-5850

3

मुंतजिम/प्रभारी अधिकारी

2

0

2

2750-90-3650-110-5850

4

क0 प्रारूपकार

1

1

0

5200-20200

2800

5

निधि लिपिक

36

22

14

5200-20200

2400

6

वाहन चालक

3

3

0

5200-20200

2400

7

हवलदार/जमादार/ दरोगा/ गुमास्ता

3

3

0

5200-20200

1900

8

सिपाही

66

46

20

5200-20200

1700

9

प्रबंधक

13

7

6

5200-20200

1900

10

चतुर्थ श्रैणी कर्मचारी

13

8

5

5200-20200

1700

11

पुजारी

12

8

4

5200-20200

1700

12

मुखिया

15

4

11

5200-20200

1700

13

अन्यः- 
हवलदार, जमादार, दरोगा, मुखिया, सेवागीर, छड़ीदार, फर्राश, सईस, स्नानघर पर, चौकीदार, प्रहरी, हरीजन, गोटेदार, बागवान

56

41

15

5200-20200

1700

 

योगः-

223

143

80

 

 

भाग-6

सामाजिक कर्तव्यों का निर्वहन

1. मंदिरों व संस्थानों को सहायता अनुदान :-

राजस्थान राज्य के पूर्व देषी रियासतों के शासकों द्वारा मंदिरों की सेवा पूजा, धूप-दीप, नैवैद्य आदि के लिए अनुदान स्वीकृत किया जाता था। विलीनीकरण के पष्चात इस उत्तरदायित्व का निर्वहन देवस्थान विभाग द्वारा किया जा रहा है। इस हेतु वर्ष 2016-17 के लिए विभागीय बजट में 16.00 लाख रूपये का प्रावधान रखा गया था। वर्ष 2016-17 में माह दिसम्बर 2016 तक 2.33/- लाख रुपये व्यय हुए है। सहायता प्राप्त मंदिरों/संस्थाओं की संख्या 10,009 है।

2. शाष्वत् वार्षिकी (Annuity) का भुगतानः-

राजस्थान भूमि सुधार एवं जागीर पुनर्ग्रहण अधिनियम, 1952 के अन्तर्गत 48,466 मंदिरों, मठों एवं धर्मस्थलों की जागीरों के पुनर्ग्रहण के फलस्वरूप जागीर विभाग द्वारा मंदिरों, धार्मिक स्थलों के पुजारियों/प्रबंधकों/महन्तों आदि के क्लेम का निस्तारण कर वार्षिकी (Annuity) का निर्धारण प्रपत्र 12 (क) में किया जाता है।  जागीर विभाग द्वारा निर्धारित वार्षिकी (Annuity) के भुगतान हेतु देवस्थान विभाग के बजट में राषि का प्रावधान स्वीकृत होता है। जागीर विभाग द्वारा स्वीकृत वार्षिकी (Annuity) के भुगतान हेतु देवस्थान विभाग द्वारा  प्रपत्र 12 (ख) जारी किया जाता है। संबंधित जिला कलक्टर/उप खण्ड अधिकारी/तहसीलदार के माध्यम से राषि का भुगतान किया जाता है। इस कार्य हेतु वित्तीय वर्ष 2016-17 में 30.00 लाख़ रूपये स्वीकृत हुए। 31.12.2016 तक 0.61 लाख का भुगतान किया गया।

भाग-7

सार्वजनिक प्रन्यासों का पंजीयन, पर्यवेक्षण एवं नियमन

राजस्थान राज्य में सार्वजनिक मंदिरों, मठों एवं अन्य धार्मिक व पुण्यार्थ संस्थानों का पंजीयन करने एवं उनके प्रषासन हेतु राजस्थान सार्वजनिक प्रन्यास अधिनियम, 1959 के प्रावधान दिनांक 1-7-1962 से लागू किये गये हैं। इस अधिनियम के तहत सार्वजनिक प्रन्यासों के सर्वेक्षण, पंजीकरण, संपत्ति विनियोजन, लेखा नियंत्रण, अंकेक्षण तथा प्रन्यासों के संबंध में प्राप्त होने वाली षिकायतों की जांच के दायित्व का निर्वहन देवस्थान विभाग द्वारा किया जाता है। अधिनियम के प्रावधानों के तहत विभाग के सहायक आयुक्तों को पंजीकरण एवं जाँच तथा लेखा नियंत्रण की शक्तियाँ प्रदत्त हैं। आयुक्त, देवस्थान विभाग, अधिनियम की धारा 37 के अनुसार राजस्थान राज्य में स्थित समस्त पुण्यार्थ न्यासों के कोषाध्यक्ष हैं तथा उन्हें अधिनियम की धारा 7 के तहत राजस्थान राज्य में स्थित समस्त धार्मिक एवं पुण्यार्थ लोक न्यासों के अधीक्षण की शक्तियांँ प्रदत्त है। उक्त अधिनियम के प्रावधानों को क्रियान्वित करने तथा सार्वजनिक प्रन्यासों के प्रषासन पर अधीक्षण करने का दायित्व आयुक्त देवस्थान को सौंपा गया है। राजस्थान सार्वजनिक प्रन्यास अधिनियम, 1959 के प्रावधानों के तहत दिनांक 31.12.2016 तक 8,363 प्रन्यासों का पंजीयन सहायक आयुक्तों द्वारा किया जा चुका है। पंजीकृत प्रन्यासों की जिले एवं खण्डवार स्थिति निम्नानुसार हैः-

पंजीकृत प्रन्यासों की खण्डवार स्थिति

क्र.सं.

स्ांभाग

जिला

31.12.2015 तक कुल पंजीकृत प्रन्यास

दिनांक 1.1.2016 से 31.12.2016 तक नये पंजीकृत

31.12.2016 तक कुल पंजीकृत प्रन्यास

1

2

3

4

5

6

1

जयपुर (प्र0)

जयपुर

1623

79

1702

 

 

दौसा

102

7

109

 

 

योग

1725

86

1811

2

जयपुर (द्वि0)

झुन्झुनूं

165

8

173

 

 

सीकर

216

7

223

 

 

अलवर

306

9

315

 

 

योग

687

24

711

3

भरतपुर

भरतपुर

351

5

356

 

 

सवाई माधोपुर

126

1

127

 

 

धौलपुर

58

1

59

 

 

करौली

114

1

115

 

 

योग

649

8

657

4

जोधपुर

जोधपुर

634

20

654

 

 

पाली

375

7

382

 

 

बाड़मेर

64

3

67

 

 

जालौर

143

0

143

 

 

सिरोही

236

3

239

 

 

जैसलमेर

82

0

82

 

 

योग

1534

33

1567

5

बीकानेर

बीकानेर

377

13

390

 

 

चुरू

192

4

196

 

 

योग

569

17

586

6

हनुमानगढ

श्रीगंगानगर

187

9

196

 

 

हनुमानगढ़

151

10

161

 

 

योग

338

19

357

7

उदयपुर

उदयपुर

704

28

732

 

 

चित्तौड़गढ़

121

3

124

 

 

प्रतापगढ़

45

1

46

 

 

राजसमन्द

70

3

73

 

 

योग

940

35

975

8

कोटा

कोटा

386

7

393

 

 

बून्दी

146

3

149

 

 

झालावाड़

95

1

96

 

 

बारां

84

1

85

 

 

योग

711

12

723

9

अजमेर

अजमेर

367

8

375

 

 

नागौर

203

2

205

 

 

टोंक

80

4

84

 

 

भीलवाड़ा

140

1

151

 

 

योग

790

15

815

10

ऋषभदेव

ऋषभदेव

20

1

21

 

 

डूंगरपुर

62

3

65

 

 

बांसवाड़ा

84

1

85

 

 

योग

166

5

171

 

 

महायोग

8109

254

8363

भाग-8
विभागीय संपदाओं का प्रबंध एवं अनुरक्षण

1. अचल संपदा का प्रबंध :-

देवस्थान विभाग द्वारा प्रबन्धित एवं नियन्त्रित मन्दिरों को प्रबंध एवं नियत्रंण की दृष्टि से निम्नानुसार वर्गीकृत किया गया हैः-

राजकीय प्रत्यक्ष प्रभार श्रेणी के मंदिर एवं संस्थान

390

राजकीय आत्मनिर्भर श्रेणी के मंदिर एवं संस्थान

203

राजकीय सुपुर्दगी श्रेणी के मंदिर

343

 

936

     
उपरोक्त श्रेणियों में से राजकीय प्रत्यक्ष प्रभार श्रेणी के 390 एवं राजकीय आत्मनिर्भर श्रेणी के 203 कुल 593 मंदिरों एवं संस्थानों का सीधा प्रबन्ध एवं रख-रखाव देवस्थान विभाग द्वारा किया जाता है। सुपुर्दगी श्रेणी के 401 मंदिरों में से राज्य सरकार के आदेष क्रमांक प.5(23)देव/94 जयपुर दिनांक 29.9.08 द्वारा 58 मंदिरो की राजस्थान लोक न्यास अधिनियम 1959 के अन्तर्गत प्रन्यास पंजीयन की कार्यवाही पूर्ण हो जाने से राज्य सरकार की अधिसूचना संख्या प.14(17)देव/82 दिनांक 29.1.97 द्वारा प्रसारित सूची में से विलोपित किया गया है।

2. राज्य के बाहर स्थित मंदिर एवं संपदायें :-

राजस्थान राज्य के बाहर देवस्थान विभाग के प्रबंध एवं नियंत्रणाधीन मंदिर एवं संपदाएं प्रमुख तीर्थ स्थलों पर स्थित हैं। विभागीय मंदिर एवं उनके साथ संलग्न संपदाएं उत्तर प्रदेश राज्य में वृन्दावन, मथुरा, सोरो, गोवर्धन, राधाकुण्ड बरसाना,बनारस आदि स्थानों पर स्थित हैं। उत्तराखंड राज्य में हरिद्वार, भुवाली (नैनीताल) एवं उत्तर काशी, घराली, गंगोत्री में, गुजरात राज्य में द्वारिका एवं महाराष्ट्र राज्य में औरंगाबाद एवं अमरावती में तथा नई दिल्ली में स्थित हैं। 

3. किराया प्रकरणों का निस्तारण :-

विभागीय मंदिरों की संपदाओं में आवासीय एवं व्यावसायिक 2104 किरायेदार हैं। इन किरायेदारों के किराया प्रकरणों के निस्तारण  हेतु राज्य सरकार द्वारा किराया नीति दिनांक 6.6.2000 बनाई हुई है ।

4. बहुमूल्य आभूषणों का भौतिक सत्यापन एवं मूल्यांकन :-    

देवस्थान विभाग द्वारा प्रबन्धित एवं नियंत्रित विभागीय मंदिरों के बहुमूल्य आभूषणों की कुल संख्या 20,825 हैं। इन आभूषणों में से दस लाख रूपये से अधिक की चल संपदा वाले 52 मंदिरों के 17077 आभूषणों का भौतिक सत्यापन राज्य सरकार द्वारा गठित विषेष अंकेक्षण दलों के माध्यम से करवाया जा चुका है। दस लाख रूपये से कम मूल्य की चल संपदा वाले  मंदिरों के आभूषणों का भौतिक सत्यापन एवं मूल्यांकन सहायक आयुक्त स्तर पर गठित समिति द्वारा किया जाता है। मंदिर श्री ऋषभदेव जी में प्राप्त  479 का भौतिक सत्यापन इस वित्तीय वर्ष में किया गया।

5. धार्मिक मेलों का आयोजन :-

विभाग द्वारा आलौच्य वर्ष में राजकीय मंदिरों में होने वाले उत्सवों, जयंतियों एवं मेलों की परंपरा को निरन्तर बनाये रखने के विषेष प्रयास किये गये हैं। विभाग द्वारा मुख्यतया निम्न राजकीय मंदिरों में प्रतिवर्ष स्थायी रूप से बड़े स्तर पर मेलों का आयोजन किया जाता हैः-

  1. मंदिर श्री गोगाजी, गोगामेड़ी, तहसील नोहर जिला हनुमानगढ़।
  2. मंदिर श्री केलादेवीजी, झीलकावाड़ा, भरतपुर।
  3. मंदिर श्री ऋषभदेवजी, धूलेव, जिला उदयपुर।
  4. मंदिर श्री माताजी मावलियान, आमेर, जिला जयपुर।
  5. मंदिर श्री चारभुजा जी, गढ़बोर, जिला राजसमन्द।
  6. मंदिर श्री मंगलेष्वर महादेव मातृकुडिया, तहसील राषमी जिला चित्तोडगढ़।
  7. मन्दिर श्री भद्रकाली, हनुमानगढ़।
  8. मन्दिर श्री घोटिया अम्बा जी, बांसवाडा।

उपरोक्त मंदिरों के अतिरिक्त विभाग द्वारा प्रबंधित एवं नियंत्रित छोटे-बड़े मंदिरों में एवं सार्वजनिक प्रन्यासों में भी मेले आयोजित होते हैं तथा उनकी व्यवस्था स्थानीय ग्राम पंचायत/नगरपालिका अथवा श्रृद्धालु नागरिकों एवं प्रन्यासों द्वारा अपने स्तर पर की जाती है। देवस्थान विभाग द्वारा मंदिरों एवं तीर्थस्थलों पर आयोजित होने वाले प्रमुख उत्सवों, मेलों, एवं पर्वों का तिथिवार एक सूचना केलेण्डर भी तैयार किया गया है ।

6. देवस्थान विभाग की विनियोजित राषि :-

देवस्थान विभाग द्वारा प्रबंधित एवं नियंत्रित राजकीय आत्म निर्भर श्रेणी के मंदिरों की आय मय ब्याज राषि एवं मंदिरों की मुआवजा राषि जो प्राप्त हुई है, उसका विनियोजन माह 12/2016 तक का निम्न प्रकार है :-

क्र.स.

विवरण

जमा राषि (लाखों में)

1

राजकीय कोषालय निजी निक्षेप ब्याज खाता 1029

7076.73

2

राजकीय कोषालय निजी निक्षेप ब्याज खाता (मुआवजा राषि) ब्याज सहित 5644

3194.45

3

राजकीय कोषालय निजी निक्षेप बिना ब्याज खाता 1014

5.06

7. यात्रियों के लिये विश्राम स्थलों की व्यवस्था :-

राजस्थान राज्य एवं राज्य के बाहर देवस्थान विभाग द्वारा प्रबंधित एवं नियंत्रित मंदिरों एवं संस्थानों में संचालित निम्नांकित धर्मषालाओं, विश्रान्ति गृहों में यात्रियों के लिये ठहरने की सुविधा उपलब्ध हैः-

क्र.स.

नाम संस्था

क्षमता कमरों की संख्या

1

होटल देवदर्षन (देवस्थान विश्रान्ति गृह), उदयपुर

62

2

सराय फतह मेमोरियल, उदयपुर

31

3

मांजी की सराय, पुराना स्टेषन रोड़, उदयपुर

20

4

धर्मशाला ऋषभदेव, धुलेव तहसील ऋषभदेव, जिला उदयपुर

154

5

धर्मशाला मंदिर श्री चारभुजा जी, गढ़बोर, जिला राजसमन्द

70

6

जसवन्त सराय, स्टेषन रोड़, जोधपुर

63

7

विश्राम गृह मंदिर श्री राधा माधव जी,(जयपुर मंदिर) वृन्दावन (उ0प्र0)

2

8

विश्राम गृह मंदिर श्री कुषल बिहारी जी, बरसाना, जिला मथुरा (उ0 प्र0)

10

9

धर्मशाला मंदिर श्री गंगाजी, हरिद्वार (उत्तराखण्ड)

3

10

धर्मशाला मंदिर श्री एकादष रूद्र जी, उत्तरकाषी (उत्तराखण्ड)

3

11

धर्मशाला, जोधपुर (नवनिर्मित)

23

12

धर्मशाला, बीकानेर (नवनिर्मित)

23

13

धर्मशाला, गोगामेड़ी (नवनिर्मित)

20

14

धर्मशाला, जयपुर (नवनिर्मित)

23

15

धर्मशाला, धराली, उत्तराखण्ड (नवनिर्मित)

4 कमरे मय किचन बरामदा

16

धर्मशाला, द्वारका, गुजरात (नवनिर्मित)

4

परिषिष्ट-1

देवस्थान विभाग द्वारा प्रबंधित एवं नियंत्रित मंदिरों की खण्डवार एवं जिलेवार सूची

क्र.सं.

डिवीजन

जिला

रा.प्र.प्र.

रा.आ.नि.

सुपुर्दगी

शेष

योग (4+5+8)

 

 

 

 

 

कुल सुपुर्दगी

विलोपित

 

 

1

2

3

4

5

6

7

8

9

1

जयपुर (प्र0)

जयपुर

41

07

59

18

40

89

 

 

दौसा

0

02

0

0

0

2

 

 

योग

41

09

59

18

40

91

2

जयपुर (द्वि0)

झुन्झुनूं

-

09

04

0

4

13

 

 

सीकर

-

-

-

0

0

0

 

 

अलवर

-

08

46

11

35

43

 

 

योग

0

17

  50

11

39

56

3

भरतपुर

भरतपुर

01

35

75

6

69

105

 

 

सवाई माधोपुर

-

01

01

0

1

2

 

 

धौलपुर

07

-

21

2

19

26

 

 

करौली

-

15

115

14

101

116

 

 

योग

08

51

212

22

190

249

4

जोधपुर

जोधपुर

09

08

11

1

10

27

 

 

पाली

-

01

01

0

1

2

 

 

बाड़मेर

-

-

-

0

0

0

 

 

जालौर

-

-

-

0

0

0

 

 

सिरोही

-

-

-

0

0

0

 

 

जैसलमेर

02

-

-

0

0

2

 

 

योग

11

09

12

1

11

31

5

बीकानेर

बीकानेर

56

17

05

1

4

77

 

 

चुरू

28

01

04

0

4

33

 

 

योग

84

18

9

1

8

110

6

हनुमानगढ

श्रीगंगानगर

06

-

-

0

0

6

 

 

हनुमानगढ़

15

02

-

0

0

17

 

 

योग

21

2

-

0

0

23

7

उदयपुर

उदयपुर

45

32

10

3

8

88

 

 

चित्तौड़गढ़

0

10

1

1

0

10

 

 

प्रतापगढ़

10

0

1

1

0

10

 

 

राजसमन्द

04

04

-

0

0

8

 

 

योग

59

46

12

5

7

113

8

कोटा

कोटा

23

01

-

0

0

24

 

 

बून्दी

09

06

01

0

1

16

 

 

झालावाड़

06

08

-

0

0

14

 

 

बारां

04

02

-

0

0

6

 

 

योग

42

17

1

0

1

60

9

अजमेर

अजमेर

-

03

03

0

3

6

 

 

नागौर

-

-

-

0

0

0

 

 

टोंक

-

01

02

0

2

3

 

 

भीलवाड़ा

11

07

02

1

1

19

 

 

योग

11

11

07

1

6

28

10

ऋषभदेव

ऋषभदेव

0

1

0

0

0

1

 

 

डूंगरपुर

30

01

01

0

1

32

 

 

बांसवाड़ा

58

05

-

0

0

63

 

 

अमरावती -1  औरंगाबाद-6 
द्वारिका  -1            

08

-

-

0

0

8

 

 

योग

96

7

1

0

1

104

11

वृन्दावन

उत्तर प्रदेष, उत्तराखण्ड एवं नई दिल्ली राज्य

17

16

38

0

38

71

 

 

महायोग

390

203

401

58

343

936

परिशिष्ट -2

अधिकारियों की सूची
(31.12.2016 की स्थिति)

क्र.स.

नाम अधिकारी

पद

अवधि

1

श्री अषोक यादव

आयुक्त (राज.प्रशासनिक सेवा)

26.2.2014 से 31.12.2016 तक

2

श्रीमती भारती राज

वित्तीय सलाहाकार(राज.लेखा सेवा)

27.10.2014 से निरन्तर

3

श्री अषोक कुमार

अतिरिक्त आयुक्त (राज.प्रशासनिक सेवा)

27.7.2016 से निरन्तर

4

श्री भोजकुमार

उपायुक्त (राज. देवस्थान सेवा)

22.6.2016 से 6.8.2016 तक

 

श्री जतीन कुमार गांधी

उपायुक्त (अतिरिक्त कार्यभार)

11.8.2016 से निरन्तर

5

श्री जतीन कुमार गांधी

सहायक आयुक्त (मुख्यालय)                 (राज. देवस्थान सेवा) (अतिरिक्त कार्यभार)

5.5.2016 से निरन्तर

6

श्री इन्द्र प्रकाष जैन

संयुक्त विधि परामर्षी (राज0 विधि सेवा)

14.10.2016 तक

 

श्री समरथमल साहु

(अति0 चार्ज)

14.10.2016 से निरन्तर

7

रिक्त

एनालिस्ट कम प्रोग्रामर

 

8

रिक्त

प्रोग्रामर

 

 9

श्री देवकृष्ण जोषी

अतिरिक्त निजी सचिव (मुख्यालय) (राज. अधीनस्थ कार्यालय मंत्रालयिक सेवा)

सितम्बर 2015 से निरन्तर

10

श्री अभय कुमार मेहता

सहायक लेखाधिकारी (राज.लेखा अधीनस्थ सेवा)

30.10.2014 से निरन्तर

11

रिक्त

सहायक लेखाधिकारी (राज.लेखा अधीनस्थ सेवा)

 

12

रिक्त

तहसीलदार (मुख्यालय) (राज. तहसीलदार सेवा)

 

13

श्री कृष्ण गोपाल श्रीमाली

सहायक अभियन्ता, उदयपुर (राज. तकनीकी सेवा) (संविदा)

27.3.2015 से 30.11.2016 तक

14

श्री राम गोपाल रोत

सहायक अभियन्ता (संविदा) उदयपुर

2.1.2014 से 30.6.2016 तक दिनांक 15.12.2016 से दैनिक पारिश्रमिक पर

संभाग स्तर के अधिकारी

क्र.स.

नाम अधिकारी

पद

अवधि

1

श्री राजीव कुमार पाण्डे (राज.प्रशासनिक सेवा)

सहायक आयुक्त, जयपुर (प्रथम)

7.8.2015 से निरन्तर

2

श्रीमती ऋचा गर्ग (राज.देवस्थान सेवा)

सहायक आयुक्त, जयपुर (द्वितीय)

26.4.2016 से निरन्तर

3

श्री कृष्ण कुमार खण्डेलवाल             (राज.देवस्थान सेवा)

सहायक आयुक्त, भरतपुर

16.5.2016 से निरन्तर

4

श्री महेन्द्र कुमार देवतवाल (राज.देवस्थान सेवा)

सहायक आयुक्त, कोटा

29.9.16 से निरन्तर इससे पुर्व जोधपुर

5

श्री जतीन कुमार गांधी (राज.देवस्थान सेवा)

सहायक आयुक्त, उदयपुर

7.4.2016 से निरन्तर

6

श्री ओम प्रकाष पालीवाल (राज.देवस्थान सेवा) (अतिरिक्त कार्यभार) 

सहायक आयुक्त, बीकानेर      

9.10.2014 से निरन्तर एवं 17.10.16 से अति0 कार्यभार

7

श्री ओम प्रकाष पालीवाल (राज.देवस्थान सेवा)

सहायक आयुक्त, जोधपुर

29.9.2016 से निरन्तर

8

श्री ओम प्रकाष पालीवाल (राज.देवस्थान सेवा) (अतिरिक्त चार्ज) 

सहायक आयुक्त, हनुमानगढ

13.7.2015 से निरन्तर

9

श्री सुनील मत्तड़(राज.देवस्थान सेवा)

सहायक आयुक्त, वृन्दावन

7.10.2014 से निरन्तर

10

डॉ0 सुश्री प्रियंका भट्ट (राज.देवस्थान सेवा)    

सहायक आयुक्त, ऋषभदेव

17.6.2015 से निरन्तर

11

श्री गिरीष बच्चानी (राज.देवस्थान सेवा)

सहायक आयुक्त, अजमेर

26.4.2016 से निरन्तर

Nodal Officer:- Sh. Jatin Gandhi, Dy. Commissioner Devasthan Department, Udaipur

Telephone No.: 0294-2524813 (Office), Mobile No.: - 94136-64373

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